शेयर बाजार में गुरुवार को BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) से जुड़ी एक खबर ने निवेशकों का ध्यान खींचा। दरअसल, बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने बीएसई को सेंसेक्स नेक्स्ट 30 इंडेक्स पर डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट शुरू करने की मंजूरी दे दी है। इस खबर के सामने आते ही बीएसई के शेयरों में खरीदारी बढ़ गई और स्टॉक करीब 4 प्रतिशत तक उछल गया।
शेयर में आई तेजी
5 मार्च को सुबह के कारोबार में बीएसई का शेयर तेजी के साथ ट्रेड करता दिखाई दिया। करीब 10:30 बजे के आसपास शेयर 2730 रुपये के आसपास पहुंच गया, जो पिछले स्तर के मुकाबले लगभग 4% ज्यादा था बाजार में पहले से ही कुछ सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिल रही थी और इस नई खबर ने बीएसई के शेयर को अतिरिक्त सपोर्ट दे दिया।
क्या है सेंसेक्स नेक्स्ट 30 इंडेक्स
सेंसेक्स नेक्स्ट 30 इंडेक्स उन कंपनियों को ट्रैक करता है जो BSE 100 इंडेक्स में शामिल होती हैं, लेकिन सेंसेक्स 30 का हिस्सा नहीं होतीं। ये कंपनियां आम तौर पर बड़ी और काफी लिक्विड मानी जाती हैं नए डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट आने से इस इंडेक्स से जुड़े शेयरों में ट्रेडिंग के और विकल्प खुल सकते हैं।
किस तरह के कॉन्ट्रैक्ट होंगे
बीएसई ने बताया है कि वह इस इंडेक्स पर कैश सेटल होने वाले मंथली इंडेक्स फ्यूचर्स और मंथली इंडेक्स ऑप्शन शुरू करेगा इन कॉन्ट्रैक्ट की एक्सपायरी हर महीने आखिरी गुरुवार को होगी। हालांकि एक्सचेंज ने अभी यह नहीं बताया है कि इन कॉन्ट्रैक्ट्स को बाजार में कब से शुरू किया जाएगा।
बीएसई के मौजूदा डेरिवेटिव प्रोडक्ट
फिलहाल बीएसई अपने प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स पर वीकली और मंथली दोनों तरह के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट उपलब्ध कराता है। इसके अलावा सेंसेक्स 50 और BANKEX इंडेक्स पर भी मंथली एक्सपायरी वाले कॉन्ट्रैक्ट्स मौजूद हैं पिछले साल एक्सचेंज ने डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट की एक्सपायरी का दिन मंगलवार से बदलकर गुरुवार कर दिया था।
कैपिटल मार्केट्स इंडेक्स में भी तेजी
आज के कारोबार में निफ्टी कैपिटल मार्केट्स इंडेक्स में भी बढ़त देखने को मिली। इस इंडेक्स में शामिल कुछ कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी रही उदाहरण के तौर पर MCX और Kfin Technologies के शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई।
शेयर का लंबी अवधि का प्रदर्शन
अगर बीएसई के शेयर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो हाल के समय में इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
- पिछले एक हफ्ते में शेयर करीब 2% गिरा है
- एक महीने में लगभग 5% की कमजोरी रही
- तीन महीनों में करीब 3% गिरावट दर्ज हुई
हालांकि लंबी अवधि में इस स्टॉक ने मजबूत रिटर्न दिया है।
- इस साल अब तक इसमें लगभग 4% की तेजी आई है
- एक साल में करीब 90% का रिटर्न दिया
- वहीं तीन साल में शेयर ने 1700% से ज्यादा उछाल दिखाया है
निवेशकों की नजर आगे क्या
बाजार के जानकारों का मानना है कि नए डेरिवेटिव प्रोडक्ट आने से बीएसई के ट्रेडिंग वॉल्यूम में बढ़ोतरी हो सकती है। इससे एक्सचेंज के कारोबार को भी फायदा मिल सकता है।
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