टेलीकॉम सेक्टर की कमाई 1 लाख करोड़ के पार, दिसंबर 2025 तिमाही में मजबूत ग्रोथ

टेलीकॉम सेक्टर की कमाई 1 लाख करोड़ के पार, दिसंबर 2025 तिमाही में मजबूत ग्रोथ

भारत का टेलीकॉम सेक्टर लगातार विस्तार कर रहा है और दिसंबर 2025 तिमाही में इस इंडस्ट्री ने एक अहम मुकाम हासिल किया। इस अवधि में टेलीकॉम सेवा देने वाली कंपनियों की कुल आय पहली बार 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच गई। बढ़ते डेटा उपयोग, 5G सेवाओं का विस्तार और निजी कंपनियों की मजबूत मौजूदगी ने इस ग्रोथ में बड़ी भूमिका निभाई है।

कुल रेवेन्यू में लगातार बढ़ोतरी

दिसंबर 2025 तिमाही में टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स की ग्रॉस रेवेन्यू करीब ₹1.02 लाख करोड़ दर्ज की गई। अगर पिछले आंकड़ों से तुलना करें तो सेक्टर की आय में स्थिर बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

  • दिसंबर 2024 में यह आय लगभग ₹96,390 करोड़ थी
  • सितंबर 2025 तिमाही में यह बढ़कर ₹99,828 करोड़ हो गई
  • दिसंबर 2025 में यह आंकड़ा ₹1 लाख करोड़ से ऊपर पहुंच गया

यह ट्रेंड दिखाता है कि टेलीकॉम सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।

AGR में भी अच्छी वृद्धि

दिसंबर तिमाही में Adjusted Gross Revenue (AGR) भी मजबूत रहा। यह सालाना आधार पर लगभग 8.13% बढ़कर ₹84,270 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹77,934 करोड़ था।

AGR में कंपनियों की टेलीकॉम सेवाओं से कमाई के साथ-साथ सरकार को दिए जाने वाले लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क भी शामिल होते हैं।

कंपनियों का प्रदर्शन

AGR के मामले में निजी कंपनियां बाजार में आगे बनी हुई हैं।

  • Reliance Jio लगभग ₹31,767 करोड़ के साथ सबसे आगे रही
  • Bharti Airtel ने करीब ₹28,497 करोड़ का AGR दर्ज किया
  • Vodafone Idea का AGR लगभग ₹8,176 करोड़ रहा
  • सरकारी कंपनी BSNL का AGR करीब ₹2,003 करोड़ रहा, जिसमें सालाना आधार पर गिरावट दर्ज हुई
  • MTNL का AGR करीब ₹37 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में काफी कम है

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि टेलीकॉम बाजार में निजी कंपनियों का दबदबा बना हुआ है।

एक्सेस सेवाओं का सबसे बड़ा योगदान

कुल AGR में Access Services का योगदान सबसे अधिक रहा। मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं से जुड़ी इन सेवाओं का हिस्सा लगभग 84.54% रहा, जिससे यह पता चलता है कि टेलीकॉम इंडस्ट्री की कमाई का बड़ा हिस्सा मोबाइल नेटवर्क से आता है।

सरकार को भी मिला ज्यादा राजस्व

टेलीकॉम कंपनियों से सरकार को मिलने वाला राजस्व भी इस तिमाही में बढ़ा है।

  • लाइसेंस फीस से करीब ₹6,733 करोड़ की आय हुई, जो पिछले साल से लगभग 8% अधिक है
  • स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क से लगभग ₹1,020 करोड़ मिले, जिसमें करीब 3% की वृद्धि दर्ज हुई

क्या संकेत दे रहे हैं ये आंकड़े

दिसंबर 2025 के आंकड़े बताते हैं कि भारत का टेलीकॉम सेक्टर अभी भी मजबूत स्थिति में है। डेटा उपयोग बढ़ने, नेटवर्क विस्तार और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग से आने वाले समय में भी इस इंडस्ट्री में ग्रोथ की संभावना बनी हुई है। हालांकि, सरकारी कंपनियों के सामने प्रतिस्पर्धा की चुनौती अभी भी बनी हुई है।

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Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी प्रकार की निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

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