तेल महंगा होते ही ग्रीन एनर्जी शेयर दौड़े, NTPC Green Energy में 11% की छलांग

तेल महंगा होते ही ग्रीन एनर्जी शेयर दौड़े, NTPC Green Energy में 11% की छलांग

अगर आप शेयर बाजार पर नजर रखते हैं तो आपने देखा होगा कि जब दुनिया में कोई बड़ा संकट आता है, तो उसका असर बाजार के कुछ खास सेक्टरों पर तुरंत दिखने लगता है। इन दिनों भी कुछ ऐसा ही हो रहा है मध्य पूर्व में चल रहे तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमत तेजी से बढ़ रही है। इसका असर यह हुआ कि निवेशकों का ध्यान अब ग्रीन एनर्जी कंपनियों की तरफ बढ़ गया है। इसी कारण गुरुवार (12 मार्च 2026) को कई रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली।

NTPC Green Energy बना चर्चा का केंद्र

आज के दिन के कारोबार में NTPC Green Energy का शेयर सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। दोपहर के आसपास यह शेयर करीब 11% बढ़कर लगभग ₹100 के आसपास ट्रेड करता दिखा।

NTPC Green Energy की Fundamental Table

Fundamental MetricValue
Market Cap₹3,78,607 Cr
Current Price₹390
52 Week High / Low₹392 / ₹316
Stock P/E15.7
Industry P/E27.8
Book Value₹198
Face Value₹10
ROCE9.95 %
ROE12.1 %
Debt₹2,54,876 Cr
Debt to Equity1.33
Promoter Holding51.1 %
Current Ratio0.87
Enterprise Value₹6,25,532 Cr
EV/EBITDA9.39

इन कंपनियों के शेयर भी बढ़े

ग्रीन एनर्जी से जुड़ी कई कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी गई इसके अलावा Suzlon Energy, Inox Wind, ACME Solar, Servotech Renewable Power और IREDA जैसे ग्रीन एनर्जी शेयरों में भी खरीदारी देखी गई।

कंपनीशेयर की स्थिति
NTPC Green Energyकरीब 11.84% की तेजी
KPI Green Energyलगभग 8.88% की बढ़त
Saatvik Green Energyकरीब 3–4% ऊपर
Solex Energyकरीब 11.90% की तेजी

Read Also : AI की वजह से भागा IT शेयर! Happiest Minds में जोरदार तेजी, कुछ ही दिनों में 35% उछाल

तेल की कीमत बढ़ने से क्यों बढ़ी दिलचस्पी

12 मार्च को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई जब तेल महंगा होता है तो निवेशक ऐसे सेक्टर की तरफ देखने लगते हैं जो तेल पर कम निर्भर हों। इसलिए सोलर और विंड एनर्जी कंपनियों के शेयरों में अचानक तेजी देखने को मिलती है।

मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष की वजह से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। दुनिया के काफी तेल टैंकर इसी रास्ते से गुजरते हैं और भारत भी अपने तेल का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से मंगाता है।

आगे क्या हो सकता है

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव जारी रहता है तो तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं ऐसी स्थिति में निवेशक पारंपरिक ऊर्जा के बजाय ग्रीन एनर्जी कंपनियों पर ज्यादा ध्यान दे सकते हैं।

Read Also : 2026 के लिए 5 Pharma Stocks: ब्रोकरेज की पसंद, 27% तक मिल सकता है रिटर्न

Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी प्रकार की निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top