Paytm पर बुलिश हुए एक्सपर्ट्स! 30% तक रिटर्न का मौका

Paytm पर बुलिश हुए एक्सपर्ट्स! 30% तक रिटर्न का मौका

घरेलू शेयर बाजार में हालिया उतार-चढ़ाव के बीच डिजिटल पेमेंट सेक्टर की बड़ी कंपनी Paytm फिर से चर्चा में आ गई है। ग्लोबल तनाव और बाजार में दबाव के कारण इसके शेयर में गिरावट जरूर देखी गई, लेकिन कई ब्रोकरेज हाउस इसे एक संभावित खरीदारी अवसर के रूप में देख रहे हैं।

गिरावट के बीच क्या बना मौका?

हाल ही में बाजार में कमजोरी के चलते Paytm का शेयर करीब ₹1106 के आसपास बंद हुआ। जहां एक तरफ BSE Sensex और Nifty 50 जैसे प्रमुख इंडेक्स भी दबाव में रहे, वहीं Paytm भी इस माहौल से अछूता नहीं रहा।

लेकिन यही गिरावट निवेशकों के लिए एक “एंट्री पॉइंट” बन सकती है—कम से कम ब्रोकरेज की राय यही कहती है।

कितना मिल सकता है रिटर्न?

ब्रोकरेज फर्म Haitong Securities ने Paytm पर कवरेज शुरू करते हुए इसे ‘Outperform’ रेटिंग दी है और ₹1410 का टारगेट प्राइस तय किया है।

इसका मतलब:
मौजूदा स्तर से करीब 25–30% अपसाइड की संभावना।

हालांकि ध्यान देने वाली बात यह है कि यह टारगेट अभी भी कंपनी के IPO प्राइस ₹2150 से नीचे है।

क्यों बुलिश हैं एक्सपर्ट्स?

1. डिजिटल पेमेंट्स का तेजी से विस्तार

भारत में UPI और डिजिटल ट्रांजैक्शन का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। Paytm इस सेगमेंट में मजबूत पकड़ बनाए हुए है।

2. SME मर्चेंट्स पर फोकस

छोटे व्यापारियों को डिजिटल बनाने की रणनीति कंपनी के लिए बड़ा ग्रोथ ड्राइवर बन रही है।

3. प्रोडक्ट इनोवेशन

नए फीचर्स, पेमेंट सॉल्यूशंस और फाइनेंशियल सर्विसेस कंपनी के रेवेन्यू को diversify कर रहे हैं।

4. मर्चेंट लेंडिंग में बढ़त

Paytm का लेंडिंग बिजनेस तेजी से स्केल हो रहा है, जिससे भविष्य में मुनाफा बढ़ने की उम्मीद है।

आगे का ग्रोथ आउटलुक

ब्रोकरेज अनुमानों के अनुसार:

  • FY26–FY28 के बीच EBITDA और प्रॉफिट 4 गुना तक बढ़ सकते हैं
  • EBITDA मार्जिन 17% तक पहुंच सकता है
  • RoE (Return on Equity) 12% तक जा सकता है
  • इसका मतलब है कि कंपनी धीरे-धीरे “लॉस-मेकिंग” इमेज से निकलकर एक मजबूत प्रॉफिटेबल बिजनेस बनने की दिशा में है।

क्या हैं जोखिम?

हर निवेश के साथ कुछ जोखिम भी होते हैं:

  • ग्लोबल मार्केट अस्थिरता (जैसे जियोपॉलिटिकल तनाव)
  • फिनटेक सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा
  • रेगुलेटरी बदलाव (RBI नीतियां)

निवेशकों के लिए क्या है सही रणनीति?

अगर आप:

  • लॉन्ग टर्म निवेशक हैं → यह गिरावट एक अच्छा मौका हो सकती है
  • शॉर्ट टर्म ट्रेडर हैं → वोलैटिलिटी से सावधान रहें
  • रिस्क लेने की क्षमता कम है → SIP या छोटे निवेश से शुरुआत करें

निष्कर्ष

Paytm फिलहाल एक ट्रांजिशन फेज में है जहां कंपनी ग्रोथ से प्रॉफिटेबिलिटी की ओर बढ़ रही है। ब्रोकरेज की राय में इसमें अभी भी अपसाइड बचा है, लेकिन निवेश से पहले अपने रिस्क प्रोफाइल को जरूर समझें।

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Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी प्रकार की निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें

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