ONGC पर बड़ा दांव: क्या सच में 65% तक चढ़ सकता है यह PSU स्टॉक?

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल ने पूरी दुनिया के बाजारों को प्रभावित किया है। ऐसे माहौल में ग्लोबल ब्रोकरेज CLSA ने भारत की दिग्गज सरकारी कंपनी Oil and Natural Gas Corporation (ONGC) को लेकर काफी सकारात्मक अनुमान जताया है। उनका कहना है कि मौजूदा स्तर से ONGC के शेयर में करीब 65% तक की तेजी संभव है। यह अनुमान ऐसे समय में आया है जब एनर्जी सेक्टर दबाव में है, लेकिन उसी सेक्टर में कुछ कंपनियां मौके भी बना रही हैं।

ONGC को क्यों मिल रहा है फायदा?

ONGC एक अपस्ट्रीम कंपनी है, यानी यह सीधे कच्चे तेल और गैस के उत्पादन से जुड़ी हुई है। जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो ऐसी कंपनियों की कमाई पर सीधा सकारात्मक असर पड़ता है। अभी ब्रेंट क्रूड की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे ONGC के रेवेन्यू और प्रॉफिट में सुधार की उम्मीद बढ़ जाती है।

CLSA का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास भी बनी रहती हैं, तब भी ONGC के लिए कमाई के अच्छे मौके बने रहेंगे। यही वजह है कि ब्रोकरेज इसे इस समय सेक्टर का सबसे आकर्षक स्टॉक मान रहा है।

दूसरी तरफ OMC कंपनियों की मुश्किलें

जहां ONGC जैसी कंपनियां ऊंचे तेल दाम से फायदा उठा रही हैं, वहीं ऑयल मार्केटिंग कंपनियां दबाव में हैं। Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum Corporation और Hindustan Petroleum Corporation जैसी कंपनियां पेट्रोल और डीजल बेचती हैं।

समस्या यह है कि ये कंपनियां तुरंत बढ़ती लागत को ग्राहकों पर नहीं डाल पा रही हैं। इसके कारण इनके मार्जिन पर दबाव बढ़ रहा है और यही वजह है कि हाल के समय में इनके शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली है।

सेक्टर में कमजोरी लेकिन ONGC में उम्मीद

मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने के बाद पूरे ऑयल एंड गैस सेक्टर पर दबाव दिखा है। कई कंपनियों के शेयर गिरे हैं और इंडेक्स भी कमजोर रहा है। लेकिन इसी माहौल में ONGC जैसे स्टॉक्स अलग नजर आ रहे हैं क्योंकि इनके बिजनेस मॉडल को ऊंची कीमतों का फायदा मिलता है यानी एक ही सेक्टर में अलग-अलग कंपनियों पर असर बिल्कुल अलग हो सकता है और यही बात समझना निवेशकों के लिए जरूरी है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत है?

ONGC में संभावित तेजी का अनुमान जरूर आकर्षक है, लेकिन यह पूरी तरह से कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर करता है। अगर क्रूड की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो स्टॉक अच्छा प्रदर्शन कर सकता है। वहीं, अगर कीमतों में गिरावट आती है, तो इसका असर सीधे कंपनी की कमाई पर पड़ेगा।

इसलिए निवेश करते समय केवल टारगेट देखकर निर्णय लेना सही नहीं है। सेक्टर की प्रकृति, जोखिम और समय का सही आकलन करना भी उतना ही जरूरी है।

निष्कर्ष

Oil and Natural Gas Corporation (ONGC) इस समय ऐसे दौर में खड़ा है जहां मौके और जोखिम दोनों साथ मौजूद हैं। ब्रोकरेज का 65% अपसाइड का अनुमान उत्साह जरूर बढ़ाता है, लेकिन समझदारी इसी में है कि निवेश सोच-समझकर किया जाए अंत में यही कहा जा सकता है कि यह स्टॉक फिलहाल चर्चा में जरूर है, लेकिन सही फायदा वही उठा पाएगा जो जल्दबाजी नहीं बल्कि समझदारी से फैसला लेगा।

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Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी प्रकार की निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें

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