शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सरकारी कंपनी Indian Railway Finance Corporation (IRFC) ने अपने निवेशकों को अच्छी खबर दी है। कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹1.05 प्रति शेयर का दूसरा अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है साथ ही कंपनी ने आने वाले समय में विस्तार और नई परियोजनाओं के लिए ₹70,000 करोड़ तक फंड जुटाने की योजना को भी मंजूरी दे दी है। इस फैसले से संकेत मिलता है कि कंपनी रेलवे सेक्टर में भविष्य की बड़ी परियोजनाओं के लिए तैयारी कर रही है।
डिविडेंड से जुड़ी अहम जानकारी
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| डिविडेंड राशि | ₹1.05 प्रति इक्विटी शेयर |
| फेस वैल्यू | ₹10 प्रति शेयर |
| डिविडेंड प्रकार | दूसरा अंतरिम डिविडेंड (FY 2025-26) |
| रिकॉर्ड डेट | 13 मार्च 2026 |
| भुगतान | घोषणा के 30 दिनों के भीतर |
रिकॉर्ड डेट तक जिन निवेशकों के पास IRFC के शेयर होंगे, वही इस डिविडेंड के पात्र होंगे। इसके बाद तय समय के अंदर पैसा सीधे निवेशकों के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
IRFC क्या करती है?
Indian Railway Finance Corporation (IRFC) भारतीय रेलवे की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने वाली सरकारी कंपनी है। इसकी स्थापना 1986 में हुई थी और यह रेलवे मंत्रालय के अधीन काम करती है कंपनी का मुख्य काम घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार से धन जुटाकर भारतीय रेलवे को उपलब्ध कराना है। इसी फंड के जरिए रेलवे के लिए इंजन, कोच, वैगन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की फंडिंग की जाती है सरल शब्दों में कहें तो IRFC रेलवे की बड़ी परियोजनाओं के लिए फाइनेंसिंग पार्टनर की भूमिका निभाती है। यह एक मिनीरत्न श्रेणी की सरकारी कंपनी है।
₹70,000 करोड़ जुटाने की योजना
IRFC के बोर्ड ने अगले वित्त वर्ष FY 2026-27 के लिए बाजार से ₹70,000 करोड़ तक फंड जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इस पूंजी का इस्तेमाल मुख्य रूप से इन कामों के लिए किया जाएगा:
- रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की फंडिंग
- रोलिंग स्टॉक जैसे इंजन और कोच की खरीद
- कंपनी के पोर्टफोलियो का विस्तार (IRFC 2.0 रणनीति)
यह योजना बताती है कि आने वाले समय में रेलवे सेक्टर में बड़े निवेश की संभावना है।
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जापानी बैंकों से $400 मिलियन का लोन
कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फंड जुटाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। IRFC ने जापान के दो बड़े बैंकों — Sumitomo Mitsui Banking Corporation और MUFG Bank — के साथ $400 मिलियन (करीब ₹3,300 करोड़) का बाहरी वाणिज्यिक कर्ज (ECB) लेने का समझौता किया है यह चालू वित्त वर्ष में कंपनी का दूसरा बड़ा विदेशी कर्ज है, जो वैश्विक बाजार में IRFC की मजबूत साख को दर्शाता है।
| लोन राशि | $400 मिलियन |
|---|---|
| अवधि | 5 साल |
| ब्याज आधार | TONAR (Tokyo Overnight Average Rate) |
निष्कर्ष
IRFC की ताजा घोषणाएं निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत देती हैं। एक ओर कंपनी ने ₹1.05 का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है, वहीं दूसरी ओर ₹70,000 करोड़ के फंडरेजिंग प्लान से यह साफ है कि कंपनी रेलवे सेक्टर में भविष्य की बड़ी परियोजनाओं के लिए सक्रिय रूप से तैयारी कर रही है ऐसे में रेलवे और PSU सेक्टर पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए IRFC आने वाले समय में भी चर्चा में बना रह सकता है।
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Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी प्रकार की निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

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