अगर आप शेयर बाजार पर नजर रखते हैं तो आपने देखा होगा कि जब दुनिया में कोई बड़ा संकट आता है, तो उसका असर बाजार के कुछ खास सेक्टरों पर तुरंत दिखने लगता है। इन दिनों भी कुछ ऐसा ही हो रहा है मध्य पूर्व में चल रहे तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमत तेजी से बढ़ रही है। इसका असर यह हुआ कि निवेशकों का ध्यान अब ग्रीन एनर्जी कंपनियों की तरफ बढ़ गया है। इसी कारण गुरुवार (12 मार्च 2026) को कई रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली।
NTPC Green Energy बना चर्चा का केंद्र
आज के दिन के कारोबार में NTPC Green Energy का शेयर सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। दोपहर के आसपास यह शेयर करीब 11% बढ़कर लगभग ₹100 के आसपास ट्रेड करता दिखा।
NTPC Green Energy की Fundamental Table
| Fundamental Metric | Value |
|---|---|
| Market Cap | ₹3,78,607 Cr |
| Current Price | ₹390 |
| 52 Week High / Low | ₹392 / ₹316 |
| Stock P/E | 15.7 |
| Industry P/E | 27.8 |
| Book Value | ₹198 |
| Face Value | ₹10 |
| ROCE | 9.95 % |
| ROE | 12.1 % |
| Debt | ₹2,54,876 Cr |
| Debt to Equity | 1.33 |
| Promoter Holding | 51.1 % |
| Current Ratio | 0.87 |
| Enterprise Value | ₹6,25,532 Cr |
| EV/EBITDA | 9.39 |
इन कंपनियों के शेयर भी बढ़े
ग्रीन एनर्जी से जुड़ी कई कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी गई इसके अलावा Suzlon Energy, Inox Wind, ACME Solar, Servotech Renewable Power और IREDA जैसे ग्रीन एनर्जी शेयरों में भी खरीदारी देखी गई।
| कंपनी | शेयर की स्थिति |
|---|---|
| NTPC Green Energy | करीब 11.84% की तेजी |
| KPI Green Energy | लगभग 8.88% की बढ़त |
| Saatvik Green Energy | करीब 3–4% ऊपर |
| Solex Energy | करीब 11.90% की तेजी |
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तेल की कीमत बढ़ने से क्यों बढ़ी दिलचस्पी
12 मार्च को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई जब तेल महंगा होता है तो निवेशक ऐसे सेक्टर की तरफ देखने लगते हैं जो तेल पर कम निर्भर हों। इसलिए सोलर और विंड एनर्जी कंपनियों के शेयरों में अचानक तेजी देखने को मिलती है।
मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष की वजह से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। दुनिया के काफी तेल टैंकर इसी रास्ते से गुजरते हैं और भारत भी अपने तेल का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से मंगाता है।
आगे क्या हो सकता है
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव जारी रहता है तो तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं ऐसी स्थिति में निवेशक पारंपरिक ऊर्जा के बजाय ग्रीन एनर्जी कंपनियों पर ज्यादा ध्यान दे सकते हैं।
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