गुरुवार 5 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का माहौल बना रहा। कारोबार के दौरान ज्यादातर प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में रहे। बड़े शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और मिडकैप कंपनियों में भी बिकवाली देखने को मिली, जिससे बाजार का सेंटीमेंट कमजोर रहा।
प्रमुख इंडेक्स का हाल
दिन के कारोबार में सेंसेक्स 79,116.19 पर बंद हुआ, जो करीब 1.40% की गिरावट दर्शाता है। वहीं निफ्टी 50 भी 24,480.50 पर आ गया, जिसमें लगभग 1.55% की कमजोरी दर्ज की गई।
निफ्टी के दूसरे इंडेक्स में भी गिरावट रही।
- निफ्टी नेक्स्ट 50 करीब 2.70% गिरकर 66,799.40 पर आ गया।
- निफ्टी 100 लगभग 1.74% गिरकर 25,118.25 पर रहा।
- निफ्टी 200 करीब 1.82% की गिरावट के साथ 13,678.05 पर बंद हुआ।
- निफ्टी 500 में भी 1.87% की कमजोरी दर्ज हुई।
मिडकैप शेयरों में भी दबाव बना रहा।
- निफ्टी मिडकैप 50 करीब 1.95% गिरकर 16,198.95 पर आ गया।
- निफ्टी मिडकैप 100 भी लगभग 2.16% टूटकर 56,925.15 के स्तर पर पहुंच गया।
मुद्रा बाजार का हाल
मुद्रा बाजार में भी रुपया दबाव में रहा। डॉलर के मुकाबले रुपया 92.19 के स्तर तक पहुंच गया, जो अब तक के सबसे निचले स्तरों में से एक माना जा रहा है।
अन्य मुद्राओं के मुकाबले भी रुपये में हलचल देखी गई।
- जापानी येन के मुकाबले रुपया 59.00 के आसपास रहा।
- ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले 123.60 के स्तर पर कारोबार हुआ।
- वहीं यूरो के मुकाबले रुपया 107.60 के आसपास रहा।
कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी लगातार हलचल बनी हुई है। बुधवार को ब्रेंट क्रूड कुछ समय के लिए 84 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चला गया था, लेकिन बाद में कीमतें गिरकर 81.40 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर हो गईं।
अमेरिकी कच्चा तेल भी लगभग 74.66 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर रहा। हालांकि गुरुवार सुबह फिर से तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली और ब्रेंट क्रूड करीब 83 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया, जबकि अमेरिकी क्रूड भी 76 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया।
एशियाई बाजारों में सुधार
जहां भारतीय बाजार में कमजोरी दिखी, वहीं एशियाई बाजारों में गुरुवार को अच्छी रिकवरी देखने को मिली।
दक्षिण कोरिया का KOSPI इंडेक्स करीब 10% की तेज बढ़त के साथ ऊपर गया। इसके अलावा जापान का निक्केई इंडेक्स लगभग 2.44% चढ़ा। चीन का शंघाई कंपोजिट करीब 0.77% ऊपर रहा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग लगभग 1.71% की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
दिन की अहम कारोबारी खबरें
- रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर: पहली बार भारतीय रुपया 92 रुपये प्रति डॉलर के पार चला गया।
- ₹2000 के नोट पर RBI अपडेट: मई 2023 में चलन से हटाए गए नोटों में से करीब 98.44% वापस बैंकिंग सिस्टम में आ चुके हैं, जबकि लगभग ₹5,551 करोड़ अभी भी बाजार में हैं।
- बीमा से जुड़ा सर्वे: एक सर्वे में सामने आया कि करीब 63% लोग एक घंटे के अंदर बीमा खरीदने का फैसला ले लेते हैं, लेकिन 54% लोगों को निवेश से जुड़े जोखिम की पूरी जानकारी नहीं होती।
- नई बिजली नीति: ऊर्जा मंत्रालय ने राष्ट्रीय बिजली नीति 2026 के ड्राफ्ट पर सुझाव देने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 19 मार्च 2026 कर दी है।
- निवेश में कम भागीदारी: रिपोर्ट के अनुसार भारत में जागरूकता होने के बावजूद सिर्फ करीब 9.5% परिवार ही शेयर या अन्य सिक्योरिटीज में निवेश करते हैं।
- HAL को बड़ा रक्षा ऑर्डर: रक्षा मंत्रालय ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ करीब ₹2,901 करोड़ का समझौता किया है। इसके तहत भारतीय सेना के लिए 6 ALH Mk-III हेलीकॉप्टर बनाए जाएंगे।
निवेशकों के लिए ध्यान रखने वाली बात
बाजार में फिलहाल उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। वैश्विक घटनाएं, तेल की कीमतें और मुद्रा बाजार की चाल आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकती हैं। इसलिए निवेश से पहले बाजार की स्थिति को समझना जरूरी है।
Read Also : गिरते बाजार में टाटा की इस कंपनी ने किया कमाल, 4 दिनों में शेयर लगभग 67% चढ़ा
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी प्रकार की निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

मेरा नाम अंकित कुमार अवस्थी है। पिछले 5 वर्षों से मैं लगातार फाइनेंस सेक्टर को समझने और उसमें अपनी जानकारी बढ़ाने पर काम कर रहा हूँ। इस दौरान मैंने शेयर बाजार, निवेश और वित्तीय विषयों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ सीखीं और उन्हें गहराई से समझने का प्रयास किया।
मेरा उद्देश्य है कि जो भी ज्ञान और अनुभव मैंने इन वर्षों में हासिल किया है, उसे सरल और भरोसेमंद तरीके से आप सभी तक पहुँचाऊँ। इसलिए मैं अपने कंटेंट के माध्यम से फाइनेंस और निवेश से जुड़ी जानकारी आसान भाषा में साझा करता हूँ, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग सही जानकारी के आधार पर बेहतर वित्तीय फैसले ले सकें।


