जब भी दुनिया में युद्ध या तनाव बढ़ता है, आमतौर पर डिफेंस कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिलती है। लेकिन इस बार तस्वीर थोड़ी अलग है अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बावजूद भारतीय डिफेंस सेक्टर के शेयरों में बड़ी तेजी नहीं दिख रही। गुरुवार (12 मार्च 2026) को भी Nifty India Defence Index लगातार दूसरे दिन गिरावट में रहा और दो दिनों में इसमें करीब 2% से ज्यादा की कमजोरी दर्ज हुई।
कई डिफेंस शेयरों में दिखी गिरावट
आज के कारोबार में डिफेंस सेक्टर के कई शेयर दबाव में रहे। इंडेक्स में शामिल 18 शेयरों में से सिर्फ कुछ ही शेयर हरे निशान में रहे, जबकि बाकी में गिरावट देखने को मिली सबसे ज्यादा कमजोरी इन शेयरों में दिखी:
- Dynamatic Technologies
- Paras Defence and Space Technologies
इससे साफ है कि फिलहाल सेक्टर में खरीदारी का बड़ा ट्रेंड नहीं दिख रहा।
रक्षा निर्यात बढ़ रहा, फिर भी शेयर ठंडे क्यों?
दिलचस्प बात यह है कि भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट लगातार बढ़ रहा है।
| वर्ष | रक्षा निर्यात |
|---|---|
| FY2025 | ₹23,600 करोड़ |
| सरकार का लक्ष्य (FY2029) | ₹50,000 करोड़ |
सरकार भी रक्षा निर्यात बढ़ाने पर जोर दे रही है और कई देशों में भारतीय रक्षा उपकरणों की मांग बढ़ रही है फिर भी शेयरों में तेजी न आने के पीछे कुछ खास वजहें बताई जा रही हैं।
1. युद्ध की तकनीक बदल रही है
आज के युद्ध पहले जैसे नहीं रहे। अब महंगे हथियारों के साथ सस्ते ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम भी बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
उदाहरण के लिए:
- कुछ ड्रोन की कीमत लगभग 20,000 डॉलर होती है
- लेकिन उन्हें रोकने के लिए कई बार लाखों डॉलर के एयर डिफेंस सिस्टम लगाने पड़ते हैं
इस वजह से अब काउंटर ड्रोन सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और मल्टी लेयर एयर डिफेंस जैसे सिस्टम की मांग बढ़ रही है।
2. निवेशक अब काम के नतीजे देखना चाहते हैं
एक समय था जब डिफेंस सेक्टर में ऑर्डर मिलने की खबर से ही शेयर तेजी से चढ़ जाते थे लेकिन अब निवेशकों का ध्यान इस बात पर है कि कंपनियां ऑर्डर को समय पर पूरा कर पा रही हैं या नहीं यानी बाजार अब सिर्फ घोषणाओं के बजाय कंपनी के असली प्रदर्शन पर ज्यादा ध्यान दे रहा है।
3. सप्लाई चेन की दिक्कत
डिफेंस इंडस्ट्री में कई जरूरी पार्ट्स और तकनीक विदेशों से आती हैं।अगर सप्लाई चेन में कोई दिक्कत आती है तो प्रोजेक्ट्स की डिलीवरी में देरी हो सकती है। इसी वजह से निवेशक फिलहाल थोड़ा सतर्क नजर आ रहे हैं।
लंबी अवधि में सेक्टर मजबूत
हालांकि अभी डिफेंस शेयरों में तेजी नहीं दिख रही, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबी अवधि में इस सेक्टर की संभावनाएं मजबूत हैं भारत रक्षा क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बनने की कोशिश कर रहा है। इसके साथ ही कई देशों को हथियार और रक्षा उपकरण निर्यात भी बढ़ रहा है।
Read Also : 2026 के लिए 5 Pharma Stocks: ब्रोकरेज की पसंद, 27% तक मिल सकता है रिटर्न
सरल शब्दों में समझें
- ईरान तनाव के बावजूद डिफेंस शेयरों में तेजी नहीं आई
- युद्ध की तकनीक बदल रही है
- निवेशक अब कंपनियों का असली प्रदर्शन देख रहे हैं
- सप्लाई चेन की समस्या भी चिंता का कारण है
लेकिन लंबे समय के लिए एक्सपर्ट्स अभी भी डिफेंस सेक्टर को मजबूत ग्रोथ वाला सेक्टर मानते हैं।
Read Also : AI की वजह से भागा IT शेयर! Happiest Minds में जोरदार तेजी, कुछ ही दिनों में 35% उछाल
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी प्रकार की निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

मेरा नाम अंकित कुमार अवस्थी है। पिछले 5 वर्षों से मैं लगातार फाइनेंस सेक्टर को समझने और उसमें अपनी जानकारी बढ़ाने पर काम कर रहा हूँ। इस दौरान मैंने शेयर बाजार, निवेश और वित्तीय विषयों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ सीखीं और उन्हें गहराई से समझने का प्रयास किया।
मेरा उद्देश्य है कि जो भी ज्ञान और अनुभव मैंने इन वर्षों में हासिल किया है, उसे सरल और भरोसेमंद तरीके से आप सभी तक पहुँचाऊँ। इसलिए मैं अपने कंटेंट के माध्यम से फाइनेंस और निवेश से जुड़ी जानकारी आसान भाषा में साझा करता हूँ, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग सही जानकारी के आधार पर बेहतर वित्तीय फैसले ले सकें।


