भारत की दिग्गज स्टील निर्माता Tata Steel ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए बाजार को चौंका दिया है। कंपनी का मुनाफा एक साल पहले के मुकाबले दोगुने से ज्यादा बढ़ गया। मजबूत डिमांड, बेहतर ऑपरेटिंग प्रदर्शन और मार्जिन में सुधार की वजह से कंपनी ने मार्च तिमाही में दमदार नतीजे पेश किए।
कंपनी ने निवेशकों को खुश करते हुए डिविडेंड का भी ऐलान किया है, जिससे शेयरधारकों में उत्साह बढ़ गया है।
प्रॉफिट में 125% की तेज छलांग
मार्च तिमाही में टाटा स्टील का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर करीब 2,926 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा लगभग 1,300 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी ने सालाना आधार पर 125 प्रतिशत की जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की।
हालांकि बाजार के कुछ विश्लेषकों ने इससे भी अधिक प्रॉफिट का अनुमान लगाया था, लेकिन इसके बावजूद कंपनी का प्रदर्शन मजबूत माना जा रहा है।
रेवेन्यू में भी दिखी मजबूती
कंपनी की ऑपरेशंस से होने वाली आय में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली। मार्च तिमाही में टाटा स्टील का रेवेन्यू बढ़कर 63 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच गया। घरेलू बाजार में मजबूत मांग और बेहतर रियलाइजेशन ने कंपनी की आय को सपोर्ट किया।
स्टील सेक्टर में लागत दबाव कम होने और उत्पादन क्षमता के बेहतर उपयोग का फायदा भी कंपनी को मिला।
EBITDA और मार्जिन ने बढ़ाया भरोसा
टाटा स्टील का EBITDA करीब 50 प्रतिशत उछलकर 9,800 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया। इसके साथ ही कंपनी का EBITDA मार्जिन बढ़कर 15.5 प्रतिशत हो गया, जो पिछले साल की तुलना में काफी बेहतर है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी ने लागत नियंत्रण और ऑपरेशनल एफिशिएंसी में अच्छा प्रदर्शन किया है, जिसका असर सीधे मुनाफे पर दिखाई दिया।
निवेशकों के लिए डिविडेंड का तोहफा
कंपनी ने प्रति शेयर 4 रुपये के डिविडेंड की घोषणा की है। इससे लॉन्ग टर्म निवेशकों को अतिरिक्त फायदा मिलेगा। डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट जुलाई 2026 तय की गई है।
डिविडेंड की घोषणा यह संकेत देती है कि कंपनी अपनी मजबूत नकदी स्थिति और भविष्य की ग्रोथ को लेकर आत्मविश्वास में है।
ग्लोबल बिजनेस पर भी फोकस
टाटा स्टील ने लॉजिस्टिक्स कारोबार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का भी फैसला किया है। कंपनी टीएम इंटरनेशनल लॉजिस्टिक्स में अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने जा रही है। माना जा रहा है कि इससे सप्लाई चेन मजबूत होगी और भविष्य में ऑपरेशन अधिक कुशल बन सकते हैं।
कंपनी लगातार घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने पर काम कर रही है।
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शेयर पर क्या रहा असर?
नतीजों के दिन कंपनी के शेयरों में हल्की गिरावट देखने को मिली और स्टॉक करीब 2 प्रतिशत कमजोर होकर बंद हुआ। हालांकि पूरे साल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो शेयर अब भी मजबूत रिटर्न दे चुका है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि बेहतर मार्जिन, मजबूत मांग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की बढ़ती जरूरतें आने वाले समय में स्टील कंपनियों के लिए सकारात्मक माहौल बना सकती हैं।
आगे कैसी रह सकती है चाल?
विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाली तिमाहियों में कच्चे माल की कीमतें, ग्लोबल डिमांड और चीन की स्टील पॉलिसी जैसे फैक्टर्स टाटा स्टील की ग्रोथ पर असर डाल सकते हैं। लेकिन फिलहाल कंपनी के मजबूत नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है अगर घरेलू इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑटो सेक्टर में मांग बनी रहती है, तो टाटा स्टील आने वाले समय में भी बेहतर प्रदर्शन जारी रख सकती है।
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