भारत की टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea एक बार फिर निवेशकों के रडार पर आ गई है। पिछले एक महीने में कंपनी का शेयर करीब 45 फीसदी तक उछल चुका है। सिर्फ चार ट्रेडिंग सेशंस में ही शेयर ने 6 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दिखाई है। शुक्रवार को कंपनी का शेयर बढ़त के साथ 13.71 रुपये पर बंद हुआ। लगातार बढ़ रही इस रैली के पीछे कई बड़े कारण सामने आए हैं, जिनसे बाजार में कंपनी को लेकर भरोसा मजबूत हुआ है।
35 हजार करोड़ के लोन की खबर से शेयरों में आया तूफान
Vodafone Idea के शेयरों में सबसे बड़ी तेजी उस समय देखने को मिली जब कंपनी के CEO अभिजीत किशोर ने बड़ा अपडेट दिया। उन्होंने जानकारी दी कि कंपनी 35,000 करोड़ रुपये की फंडिंग के लिए बैंकों के एक बड़े कंसोर्टियम से बातचीत कर रही है। इस कंसोर्टियम की अगुवाई देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक State Bank of India कर रहा है।
बताया जा रहा है कि इस डील में सरकारी बैंक, निजी बैंक और कुछ विदेशी बैंक भी शामिल हो सकते हैं। निवेशकों को उम्मीद है कि अगर यह फंडिंग सफल रहती है, तो कंपनी की वित्तीय स्थिति काफी मजबूत हो सकती है। इसी उम्मीद ने शेयरों में नई जान फूंक दी।
नेटवर्क विस्तार और 5G पर बड़ा दांव
कंपनी अगले तीन वर्षों में अपने नेटवर्क को तेजी से मजबूत करने की योजना बना रही है। इसके लिए जुटाए जाने वाले फंड का बड़ा हिस्सा 5G नेटवर्क विस्तार और कैपिटल एक्सपेंडिचर पर खर्च किया जाएगा। हाल ही में कंपनी ने पश्चिम बंगाल समेत कई सर्किलों में 5G सेवाओं के विस्तार की घोषणा की है।
Vodafone Idea का फोकस अब सिर्फ ग्राहकों को बचाने पर नहीं बल्कि नए यूजर्स जोड़ने पर भी दिखाई दे रहा है। लंबे समय से कंपनी Reliance Jio और Bharti Airtel से पिछड़ती जा रही थी, लेकिन अब कंपनी आक्रामक रणनीति के साथ वापसी की कोशिश कर रही है।
ब्रांड इमेज सुधारने पर भी जोर
कंपनी सिर्फ नेटवर्क सुधार तक सीमित नहीं रहना चाहती। मैनेजमेंट ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में ब्रांड इमेज को मजबूत करने के लिए भी बड़े निवेश किए जाएंगे। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि Vodafone Idea अब अपनी पुरानी पहचान वापस पाने के मिशन पर काम कर रही है।
कंपनी ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने, नेटवर्क क्वालिटी सुधारने और नई टेक्नोलॉजी अपनाने पर तेजी से काम कर रही है। यही वजह है कि निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे लौटता दिखाई दे रहा है।
AGR राहत से मिली बड़ी सांस
Vodafone Idea लंबे समय से एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू यानी AGR बकाया के भारी बोझ से जूझ रही थी। हालांकि हालिया राहत और बकाया राशि के री-असेसमेंट ने कंपनी को कुछ राहत जरूर दी है। मार्च तिमाही में कंपनी ने करीब 51,970 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया, हालांकि इसमें वन-टाइम अकाउंटिंग गेन का बड़ा योगदान रहा।
इसके बावजूद बाजार इस नतीजे को सकारात्मक संकेत के तौर पर देख रहा है क्योंकि इससे कंपनी की बैलेंस शीट को सपोर्ट मिला है।
ग्रीन एनर्जी में भी बढ़ाया कदम
Vodafone Idea अब ऑपरेशनल लागत कम करने के लिए ग्रीन एनर्जी पर भी फोकस कर रही है। कंपनी ने हाल ही में MTK Quantum Green Energy नाम की रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी में 26 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने का समझौता किया है। इससे कंपनी को भविष्य में सस्ती बिजली मिलने की उम्मीद है, जिससे खर्च कम हो सकता है।
क्या आगे भी जारी रहेगी तेजी?
विशेषज्ञों का मानना है कि Vodafone Idea के लिए अभी भी चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं। कंपनी पर कर्ज का दबाव अब भी काफी ज्यादा है और उसे प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए लगातार भारी निवेश करना होगा। लेकिन अगर बैंक फंडिंग, नेटवर्क विस्तार और ग्राहक वृद्धि की रणनीति सफल रहती है, तो कंपनी के शेयरों में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है।
फिलहाल बाजार में Vodafone Idea को लेकर पॉजिटिव सेंटीमेंट बना हुआ है और निवेशकों की नजर अब कंपनी की अगली रणनीति और फंडिंग अपडेट पर टिकी हुई है।
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