आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ टेक्नोलॉजी सेक्टर की चर्चा नहीं रह गई है। कंपनियां AI को बिजनेस मॉडल, ऑटोमेशन, साइबर सिक्योरिटी और ग्राहक अनुभव से जोड़कर सीधे कमाई बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं। यही वजह है कि बाजार में अब उन कंपनियों पर सबसे ज्यादा नजर है, जो AI और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दौड़ में आगे दिख रही हैं।
मार्च 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग डेटा में भी यही ट्रेंड नजर आया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने दो भारतीय टेक कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, जिन्हें AI थीम का बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद मानी जा रही है। हालांकि सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ थीम आधारित उत्साह है या लंबे समय का निवेश अवसर?
Tech Mahindra: AI और क्लाउड कारोबार पर बड़ा दांव
Tech Mahindra में विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी एक बार फिर बढ़ती दिखाई दी है। सितंबर 2025 में जहां FIIs की हिस्सेदारी 20.60 प्रतिशत थी, वह दिसंबर तिमाही में गिरकर 17.94 प्रतिशत रह गई थी। लेकिन मार्च 2026 तक यह दोबारा बढ़कर 18.59 प्रतिशत पहुंच गई।
यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब कंपनी लगातार AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रही है। कंपनी का फोकस अब पारंपरिक आईटी सेवाओं से आगे बढ़कर डेटा और AI आधारित समाधान तैयार करने पर है।
प्रबंधन के मुताबिक बड़े एंटरप्राइज क्लाइंट्स के साथ AI प्रोजेक्ट्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2026 में 50 मिलियन डॉलर से ज्यादा बिजनेस देने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़कर 29 तक पहुंच गई। पूरे साल में कंपनी का मुनाफा भी 31 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर वैश्विक आईटी खर्च अगले कुछ क्वार्टर में सुधरता है, तो Tech Mahindra AI और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन डिमांड का बड़ा फायदा उठा सकती है।
Tata Elxsi: AI इंजीनियरिंग थीम पर विदेशी निवेशकों की वापसी
इन दो कंपनियों में सबसे ज्यादा चर्चा Tata Elxsi को लेकर है। टाटा ग्रुप की इस टेक कंपनी में विदेशी निवेशकों ने मार्च 2026 तिमाही में जोरदार वापसी की है।
सितंबर 2025 में FIIs की हिस्सेदारी 12.53 प्रतिशत थी, जो दिसंबर तिमाही में घटकर 8.57 प्रतिशत रह गई थी। लेकिन सिर्फ एक तिमाही बाद मार्च 2026 में यह बढ़कर 11.08 प्रतिशत पर पहुंच गई। यानी विदेशी निवेशकों ने करीब 2.5 प्रतिशत अंक की हिस्सेदारी दोबारा जोड़ी।
Tata Elxsi ऑटोमोबाइल, हेल्थकेयर, मीडिया और कम्युनिकेशन सेक्टर के लिए डिजाइन और टेक्नोलॉजी सेवाएं देती है। कंपनी अब खुद को GenAI आधारित इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट डेवलपमेंट प्लेयर के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है।
वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी ने कई AI कंपनियों के साथ पार्टनरशिप की, DevStudio.ai प्लेटफॉर्म लॉन्च किया और कर्मचारियों के लिए AI स्किलिंग प्रोग्राम भी शुरू किए। यही वजह है कि बाजार इसे सिर्फ एक आईटी सर्विस कंपनी नहीं, बल्कि AI इंजीनियरिंग थीम की संभावित प्ले के तौर पर देख रहा है।
क्या सिर्फ AI थीम देखकर निवेश करना सही होगा?
AI से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है, लेकिन केवल “AI” टैग देखकर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। बाजार पहले ही कई टेक शेयरों में भविष्य की उम्मीदों को कीमतों में शामिल कर चुका है।
निवेशकों को किसी भी कंपनी में पैसा लगाने से पहले उसका वैल्यूएशन, ऑर्डर बुक, क्लाइंट ग्रोथ, कैश फ्लो और वैश्विक आईटी सेक्टर की स्थिति जरूर देखनी चाहिए। खासकर ऐसे समय में जब दुनिया भर में टेक खर्च अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है।
लंबी अवधि के नजरिए से देखें तो AI भारतीय आईटी कंपनियों के लिए बड़ा अवसर बन सकता है। लेकिन सही एंट्री और उचित वैल्यूएशन पर ध्यान देना उतना ही जरूरी रहेगा।
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Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी प्रकार की निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

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