प्राइवेट सेक्टर के बैंकिंग शेयरों में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। इस बार चर्चा में है South Indian Bank, जिसने मार्च 2026 तिमाही में शानदार प्रदर्शन कर निवेशकों का ध्यान खींच लिया है। मजबूत मुनाफा, घटता एनपीए और बेहतर लोन ग्रोथ के दम पर अब बाजार में सवाल उठ रहा है कि क्या यह शेयर आने वाले महीनों में ₹56 के स्तर तक पहुंच सकता है?
Q4 में बैंक ने दिखाया दम
जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में बैंक का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा। बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 19 फीसदी बढ़कर ₹407 करोड़ से ऊपर पहुंच गया। वहीं ब्याज से होने वाली कमाई यानी NII भी बढ़कर ₹915 करोड़ के पार रही।
सबसे बड़ी राहत एसेट क्वालिटी में देखने को मिली। बैंक का ग्रॉस एनपीए तेजी से घटकर करीब 1.43 फीसदी पर आ गया, जबकि नेट एनपीए भी 0.29 फीसदी तक सिमट गया। यह संकेत देता है कि बैंक की बैलेंस शीट पहले की तुलना में काफी मजबूत हो रही है।
क्यों उत्साहित हैं ब्रोकरेज हाउस?
घरेलू ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities बैंक के नतीजों के बाद काफी बुलिश नजर आ रही है। ब्रोकरेज का मानना है कि बैंक अब अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव कर रहा है।
पहले जहां फोकस पारंपरिक लोन सेगमेंट पर ज्यादा था, वहीं अब बैंक रिटेल और SME लोन की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। इससे आने वाले समय में नेट इंटरेस्ट मार्जिन यानी NIM मजबूत हो सकता है और मुनाफे की रफ्तार भी बढ़ सकती है।
ब्रोकरेज का अनुमान है कि बैंक करीब 1 फीसदी से ऊपर RoA बनाए रखने में सफल रह सकता है, जो किसी भी मिड-साइज बैंक के लिए मजबूत संकेत माना जाता है।
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₹56 का टारगेट कितना मजबूत?
ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹56 कर दिया है। मौजूदा स्तर से देखें तो इसमें अभी भी अच्छा अपसाइड दिखाई देता है।
हालांकि रास्ता पूरी तरह आसान नहीं है। MSME लोन ग्रोथ में कमजोरी या नए CMD की नियुक्ति में देरी जैसी बातें शेयर पर दबाव बना सकती हैं। बैंक ने नए CMD की तलाश भी शुरू कर दी है, क्योंकि मौजूदा प्रमुख अगले कार्यकाल के इच्छुक नहीं बताए जा रहे।
निवेशकों को क्या समझना चाहिए?
पिछले एक साल में South Indian Bank ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। शेयर अपने निचले स्तर से लगभग दोगुना तक उछल चुका है। इससे साफ है कि बाजार बैंक के बदलाव और सुधार पर भरोसा दिखा रहा है।
अब आगे की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि बैंक अपनी ग्रोथ मोमेंटम को कितने समय तक बनाए रख पाता है। अगर एसेट क्वालिटी मजबूत रहती है और रिटेल लोन ग्रोथ तेज बनी रहती है, तो शेयर में आगे भी तेजी देखने को मिल सकती है।
निष्कर्ष
South Indian Bank के ताजा नतीजों ने यह संकेत दिया है कि बैंक अब कमजोर दौर से बाहर निकलकर स्थिर ग्रोथ की तरफ बढ़ रहा है। मजबूत मुनाफा, घटते एनपीए और बेहतर बिजनेस मिक्स ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
कम अवधि में बाजार में उतार-चढ़ाव संभव है, लेकिन लंबी अवधि के नजरिए से यह शेयर अब फिर से निवेशकों की वॉचलिस्ट में तेजी से जगह बना रहा है।
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